Ayodhya Shree Ram Mandir
- Ankit Verma
- Jun 10, 2025
- 2 min read

स्थान: अयोध्या, उत्तर प्रदेश, भारत
महत्व: अयोध्या श्री राम मंदिर, जिसे राम जन्मभूमि मंदिर भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। इसे भगवान राम का जन्मस्थान माना जाता है और यह भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का प्रतीक है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
प्राचीन इतिहास: अयोध्या का इतिहास प्राचीन है और इसे रामायण के अनुसार भगवान राम का जन्मस्थान माना जाता है। यह स्थल कई सदियों से हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एक तीर्थ स्थल रहा है।
मंदिर का निर्माण: मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन इसे कई बार नष्ट किया गया और पुनर्निर्माण किया गया। 1528 में मुघल सम्राट बाबर के आदेश पर एक मस्जिद का निर्माण किया गया, जिसे बाबरी मस्जिद कहा जाता था।
विवाद: 1980 के दशक में, राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद के स्थान को लेकर विवाद बढ़ा। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया, जिसके बाद देशभर में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए।
मंदिर का पुनर्निर्माण
भूमि पूजन: 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसमें कई प्रमुख नेता और संत शामिल हुए।
निर्माण कार्य: मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे नागर शैली में डिजाइन किया गया है, जिसमें भव्य वास्तुकला और धार्मिक प्रतीकों का समावेश है।
मंदिर की विशेषताएँ
क्षेत्रफल: मंदिर का कुल क्षेत्रफल लगभग 2.7 एकड़ है, जिसमें पांच सभा हॉल और बारह द्वार शामिल हैं।
वास्तुकला: मंदिर की वास्तुकला भारतीय शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें जटिल नक्काशी और धार्मिक चित्रण शामिल हैं।
प्रमुख देवता: मंदिर में भगवान राम, माता सीता, और भगवान लक्ष्मण की मूर्तियाँ स्थापित की जाएँगी।
वर्तमान स्थिति
उद्घाटन: मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को होने की योजना है, जिसमें कई प्रमुख dignitaries और भक्त शामिल होंगे।
धार्मिक महत्व: अयोध्या श्री राम मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यात्रा जानकारी
कैसे पहुँचें: अयोध्या रेलवे, सड़क और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ी हुई है। निकटतम रेलवे स्टेशन अयोध्या जंक्शन है, और निकटतम हवाई अड्डा फैजाबाद है।
समय: मंदिर में दर्शन के लिए विशेष समय निर्धारित किया गया है, और भक्तों को उचित व्यवस्था के तहत दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।



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